सतर्कता सहायता : डाक द्वारा शिकायत

‘लोक हित प्रकटन एवं सूचना प्रदाताओं का संरक्षण (पीआईडीपीआई) पर भारत सरकार के संकल्पर के अनुसार शिकायतकर्ता की पहचान गुप्ता रखी जाती है और ऐसी शिकायत करने के लिए उत्पीरड़न से उसे संरक्षित किया जाता है।

शिकायतकर्ता को अपना नाम, पता तथा संपर्क फोन / मोबाइल नंबर, ईमेल पता देकर अपनी पहचान प्रकट करनी चाहिए।

गुमनाम / छद्मनाम शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा।

शिकायत सीलबंद लिफाफे में होनी चाहिए. शिकायत सत्याीपनीय विवरणों के साथ विशिष्टप, संक्षिप्तट तथा तथ्ययपरक होनी चाहिए. जहां भी संभव हो, उसके साथ दस्तासवेजी साक्ष्यद हों. असंगत, अस्पिष्टत, अनर्गल या साधारणीकृत आरोपों वाली शिकायतें मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) के विवेक पर निपटा दी जाएंगी।

जब तक कार्यालय द्वारा अपेक्षित न हो, शिकायत दर्ज करने के बाद इस विषय में किसी पत्राचार पर विचार नहीं किया जाएगा।

तथापि, यदि शिकायतकर्ता के पास कोई नया तथ्य उपलब्धप हो तो वह उसे सूचित कर सकता है।
यदि यह पाया जाता है कि शिकायत झूठी / अभिप्रेरित है और अधिकारी को परेशान करने के लिए प्रस्तु त की गई है तो ऐसे शिकायतकर्ता के विरुद्ध विधि के अनुसार उपयुक्तु कार्रवाई की जाएगी।

एमआरपीएल सतर्कता विभाग को सीवीसी दिशानिर्देशों के अनुसार किसी भी शिकायत को स्वी कार करने / निपटाने का अधिकार है।

अपनी शिकायत निम्न लिखित पते पर भेजें :

मुख्यश सतर्कता अधिकारी
एमआरपीएल
वाया कटिपल्लास
कुत्तेकतूर डाकघर
मंगलूरु – 575030